महामीडिया न्यूज सर्विस
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समाचार

  • भारत में जल संचय की परम्परायें और वैदिक साहित्य में जल

    भोपाल (महामीडिया) हजारों साल पहले, भारतीय मनीषियों ने वैदिक साहित्य में जल की महिमा का वर्णन किया है। इससे सम्बन्धित पूरा विवरण, वैसे तो बहुत बड़ी पुस्तक का विषय है पर पाठकों की जिज्ञासा को शान्त करने के उद्देश्य और वैदिक साहित्य में उल्लेखित पानी की महिमा से परिचित कराने के लिये कुछ उदाहरण आगे दिये जा रहे हैं।
    वेद, पुराण, उपनिषद् औ >>और पढ़ें

  • बाबा महाकाल भक्तों को ऐसे देंगे दर्शन

    उज्जैन [ महामीडिया ]  ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास को लेकर दर्शन व्यवस्था की योजना तैयार की जा रही है। श्रावण मास में देशभर से श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन करने आएंगे। मंदिर में प्रतिदिन करीब 20 से 25 हजार भक्तों का जमावड़ा रहेगा। ऐसे में अधिकांश समय गर्भगृह में आम दर्शनार्थियों का प्रवेश बंद रहेगा। भक्तों को गणेश मंडपम् स >>और पढ़ें

  • आज है देवशयनी एकादशी

    भोपाल [ महामीडिया ] आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही देवशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है क्योंकि इसी दिन से श्रीहरि का शयन-काल प्रारंभ होता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार वर्ष के 12 मास में 4-4 मास तीनों देवता का शयन-काल होता है। आज यह देवशयनी या आषाढ़ी एकादशी है।देवशयनी एकादशी से देव प्रबोधिनी या देवउठनी एकादशी तक श्रीहरि, देव प्रबोधिन& >>और पढ़ें

  • गुरु पूर्णिमा: 'गुरु' की महिमा अपरंपार

    भोपाल (महामीडिया) भारतीय परंपरा में 'गुरु' की महिमा अपरंपार बताई गयी है। गुरु बिन, ज्ञान नहीं प्राप्त हो सकता है, गुरु बिन आत्मा भी मुक्ति नहीं पा सकती है। हमारे पौराणिक ग्रंथों ने गुरु को ईश्वर से भी ऊंचा स्थान दिया है। मान्यता है कि ईश्वर से श्रापित है यदि कोई तो उसे गुरु बचा सकता है, लेकिन यदि किसी को गुरु ने ही श्राप दे दिया हो उसे फिर ईश्वर >>और पढ़ें

  • देवशयनी एकादशी का महत्व

    भोपाल  [ महामीडिया ]   आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही देवशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है क्योंकि इसी दिन से श्रीहरि का शयन-काल प्रारंभ होता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार वर्ष के 12 मास में 4-4 मास तीनों देवता का शयन-काल होता है।देवशयनी एकादशी से देव प्रबोधिनी या देवउठनी एकादशी तक श्रीहरि, देव प्रबोधिनी एकादशी से महाशिवरात्रि तक शिव >>और पढ़ें

  • मां दुर्गा के महत्व की तुलना राम नवमी से नहीं की जा सकती

    कोलकाता  [महामीडिया ] नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा है कि ?मां दुर्गा? के जयकारे की तरह ?जय श्री राम? का नारा बंगाली संस्कृति से नहीं जुड़ा है ।बीते शुक्रवार को कोलकाता के जाधवपुर विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान अमर्त्य सेन ने कहा, ?इन दिनों देश में जय श्री राम का नारा लोगों को पीटने के लिए इस्तेमाल किय >>और पढ़ें

  • चार लाख वर्ग फुट में फैला है जगन्नाथ मंदिर, शिल्पकला का है नायाब नमूना

    मुंबई [महामीडिया ]जगन्नाथ मंदिर सनातन संस्कृति के प्रमुख देव जगन्नाथ को समर्पित है। इसको हिन्दुओं के चार धामों में से एक माना जाता है । यह वैष्णव सम्प्रदाय का मंदिर है, जो भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण को समर्पित है। जगन्नाथ शब्द का अर्थ होता है जगत के स्वामी । इस कारण इस नगर को जगन्नाथपुरी या पुरी कहा जाता है। जगन्नाथपुरी हिन्दुओं के चार & >>और पढ़ें

  • 12 जुलाई को शयन करेंगे देव

    उज्जेन [महामीडिया ]आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देव शयन होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार देव शयन के बाद विवाह आदि मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। चातुर्मास के चार माह धर्म पारायण, तीर्थाटन, भागवत श्रवण, जप-तप तथा व्रत का नियमन होगा। साथ ही विष्णु तथा शिव से संबंधित विशेष पर्व तथा त्योहार मनाए जाएंगे।आषाढ़ मास की देव शयनी एकादशी >>और पढ़ें

  • भारत को छोड़ विदेश में दिखा सूर्य ग्रहण का नजारा

    मुंबई   [महामीडिया ]  साल 2019 का दूसरा पूर्ण सूर्य ग्रहण खत्म हो चुका है। भारतीय समयानुसार रात 10.25 बजे शुरू हुआ यह ग्रहण सुबह 3.21 मिनट पर खत्म हो गया। इस बार सूर्य ग्रहण की घटना चिली, अर्जेंटीना और दक्षिण प्रशांत महासागर में दिखाई दी है। ग्रहण के चार मिनट 33 सेकंड के दौरान इन इलाकों में पूरी तरह से अंधेरा छा गया और कुल 161 मिनट, यानि 2 घंटे 41 मिनट तक यह सूर्य >>और पढ़ें

  • महर्षि ज्ञानः प्रशंसा और निंदा

    भोपाल (महामीडिया) महर्षि कहते थे कि जब तक मानव के हृदय में अनुचित तृष्णा ने अपना स्थान बना रखा है तब तक उसे ज्ञान-विज्ञान के प्रकाश का मूल्य नहीं होगा और वह अन्धकारमय जीवन ही जीता रहेगा। सभी लोग आँखों पर अवचेतन की पट्टी बांधे शांति चाहते हैं। यह तृष्णा ठीक वैसी ही है जैसी एक कस्तुरी मृग भी अपनी नाभि से आ रही सुगंध को वन में खोजना चाहता है। वह & >>और पढ़ें

  • ज्ञान, शक्ति और आनन्द का अनन्त सागर है

    भोपाल (महामीडिया) श्रीमद्भगवतगीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से समस्त मानवता को देशकाल बन्धन से परे किये गये उपदेश में योगस्थः कुरूकर्माणि, योगः कर्मसुकौशलम्, सहजम् कर्मकौन्तेय, निस्त्रैगुण्यो भवार्जुन आदि अभिव्यक्तियों से गूढ़ रहस्य उद्घाटित कर दिये हैं। ध्यान देने की बात यह है कि भगवान के उपदेश में बौद्धिक स्तर से  >>और पढ़ें

  • श्री गुरुदेव की कृपा का फल

    भोपाल (महामीडिया) ब्रह्मलीन पूज्य महर्षि महेश योगी जी ने भारतीय शाश्वत् पारम्परिक वैदिक विज्ञान का अखण्ड दीप प्रज्जवलित कर इसकी प्रकाशमय ज्योति से सारे विश्व को पूर्ण ज्ञान का प्रसाद दिया। महर्षि जी वैदिक भारत के स्वर्णिम इतिहास में एक ऐतिहासिक अद्वितीय उदाहरण छोड़ गयें जब हम अपने गुरु के लिए ब्रह्मा, विष्णु, शिव और परब्रह्म की उपाध& >>और पढ़ें

  • यज्ञ की प्रक्रिया अत्यन्त शुद्ध और विधान निश्चित हैं- ब्रह्मचारी गिरीश

    भोपाल (महामीडिया) गुरूदेव ब्रह्मानन्द सरस्वती आश्रम, भोपाल में वैदिक यज्ञाचार्यों से चर्चा के दौरान परमपूज्य महर्षि महेश योगी जी के प्रिय तपोनिष्ठ शिष्य ब्रह्मचारी गिरीश जी ने यज्ञों में शुद्धता पर बहुत जोर डाला। उन्होंने बताया कि "वैदिक ग्रन्थों में वर्णित वैदिक विधानों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही यज्ञों का संपादन किया जाना चाì >>और पढ़ें

  • सत्यमेवजयते बहुत महत्वपूर्ण सिद्धाँत

    भोपाल (महामीडिया) परम पूज्य महर्षि महेश योगी जी के प्रिय तपोनिष्ठ शिष्य ब्रह्मचारी गिरीश जी ने आज कहा कि "सत्यमेवजयते" एक बहुत बड़ा, महत्वपूर्ण और मूल्यवान सिद्धाँत है। जो मनुष्य अपनी दिनचर्या, जीवनचर्या सत्य पर आधारित रखेंगे उन्हें सदा विजय की प्राप्ति होगी, पराजय कभी नहीं देखनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि वैदिक वांगमय सत्य सम्बन्धी गाथा >>और पढ़ें

  • आज है निर्जला एकादशी

    नई दिल्ली[महामीडिया]    ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। इस बार निर्जला एकादशी पर गुरुवार होने से शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष विद्वानों के अनुसार यह संयोग छह वर्ष बाद बन रहा है। इस दिन लोग निर्जल व्रत रखकर विधि-विधान से दान करते हैं। एकादशी व्रत विशेष रूप से जगत के पालनकर्ता भगवान विष्णु के निमित्त किया  >>और पढ़ें


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