महामीडिया न्यूज सर्विस
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समाचार

  • खरमास में क्या करें और क्या न करें

    भोपाल (महामीडिया) खरमास को लेकर कुछ खास सावधानियां बरतना चाहिए। इस दौरान मान्यता है कि मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं, क्योंकि खरमास में शुभ कार्य करने से उसके शुभफल में कमी आती है और किए गए कार्य के उद्देश पूरे नहीं होते हैं। इसलिए इस मास को मलमास भी कहा जाता है। इस मास में सूर्य के तेज में कमी आती है, क्योंकि दो गधों के द्वारा सूर्य के रथ को & >>और पढ़ें

  • आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा है

    भोपाल (महामीडिया) मार्गशीर्ष या अगहन माह को अति पवित्र और श्रेष्ठ माना गया है। मार्गशीर्ष माह में ही भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। पुराणों में इस महीने की पूर्णिमा को भी महत्वपूर्ण और फलदायी माना गया है। इस पूर्णिमा पर स्नान, दान और भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है। आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा है। इस पूर्णिमा पर स्नान और दा >>और पढ़ें

  • आज भगवान दत्तात्रेय जयंती है

    भोपाल (महामीडिया) भगवान दत्तात्रेय को ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का स्वरूप माना जाता है इसलिए इनको त्रिदेव भी कहा जाता है। शास्त्रोक्त मान्यता है कि भगवान दत्तात्रेय का जन्म मार्गशीष मास की पूर्णिमा तिथि को हुआ था इसलिए इस दिन को दत्तात्रेय जयंती के रूप में मनाया जाता है। दत्तात्रेय जयंती आज है। भगवान दत्तात्रेय में ईश्व& >>और पढ़ें

  • भगवान दत्तात्रेय जयंती कल

    भोपाल (महामीडिया) भगवान दत्तात्रेय को ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का स्वरूप माना जाता है इसलिए इनको त्रिदेव भी कहा जाता है। शास्त्रोक्त मान्यता है कि भगवान दत्तात्रेय का जन्म मार्गशीष मास की पूर्णिमा तिथि को हुआ था इसलिए इस दिन को दत्तात्रेय जयंती के रूप में मनाया जाता है। दत्तात्रेय जयंती कल है। भगवान दत्तात्रेय में ईश्व& >>और पढ़ें

  • पंचक में शुभ कार्यों का होता है निषेध

    भोपाल (महामीडिया) वैदिक संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य का प्रारंभ करने से पहले शुभ मुहूर्त देख्नने कि परंपरा है। मुहुर्त के हिसाब से कामकाज शुरू किया जाता है और उसके शुभाशुभ परिणाम का अंदाजा लगाया जाता है। शुभ मुहुर्त ग्रह, नक्षत्र, वार, तिथि और मास के हिसाब से तय किया जाता है, लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है कि कुछ समय के लिए कुछ विशेष कार्यों &# >>और पढ़ें

  • विवाह पंचमी कल

    भोपाल[ महामीडिया ]  मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को भगवान राम ने माता सीता के साथ विवाह किया था।श्रीराम विवाहोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली इस तिथि को विवाह पंचमी भी कहते हैं. भगवान राम को चेतना और माता सीता को प्रकृति शक्ति का प्रतीक माना जाता है। चेतना और प्रकृति के मिलन की वजह से ही यह दिन महत्वपूर्ण हो जाता है।इस दिन भगवान राम और माता सीता क >>और पढ़ें

  • आज मार्गशीर्ष अमावस्या

    नई दिल्ली [ महा मीडिया] मार्गशीर्ष मास को अगहन मास भी कहा जाता है। भगवान श्रीकृष्ण ने इस मास को अपना प्रिय मास बताया है। प्रत्येक मास की अमावस्या को दान-पुण्य, पूजा-पाठ, धर्म--कर्म और पितृकर्म का विशेष महत्व बताया गया है। मार्गशीर्ष मास में आने वाली अमावस्या को मार्गशीर्ष अमावस्या कहा जाता है। मार्गशीर्ष अमावस्या का महत्व कार्तिक मास की & >>और पढ़ें

  • शिवपूजा करने से होती है विशेष फल की प्राप्ति

    भोपाल (महामीडिया) वर्ष में एक बार महाशिवरात्रि का पर्व आता है और हर मास में शिवरात्रि के दिन शिव की विशेष आराधना की जाती है। हर मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि के नाम से जाना जाता है। शिव पूजा को प्रदोष काल में करने का विशेष महत्व बताया गया है। इस समय शिवपूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। आज मार्गशीर्ष मास के क >>और पढ़ें

  • 26 दिसंबर को पड़ेगा इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण

    भोपाल (महामीडिया) इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को पड़ेगा। यह सूर्य ग्रहण भारत में सिर्फ केरल के चेरुवथुर में दिखाई देगा। वहीं पूर्वी यूरोप, एशिया, उत्तरी-पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी अफ्रीका में दिखाई देगा, जाे वलयाकार सूर्यग्रहण होगा। यहां सूरज एक अंगूठी की आकृति जैसा नजर आएगा। भारत समेत दुनिया के पूर्वी यूरोप, उत्तरी-पश्चि >>और पढ़ें

  • कल उत्पन्ना एकादशी व्रत

    भोपाल [ महामीडिया ] एकादशी तिथि को मोक्ष प्रदान करने वाली तिथि माना जाता है। इस तिथि को व्रत उपवास करने से मानव को मोक्ष की प्राप्ति होती है। अपने परिजनों, निकटतम लोगों यहां तक की जानवरों के मोक्ष के लिए भी एकादशी के व्रत को किया जाता है और मृत्यु होने के बाद दिवंगतों के मोक्ष की प्राप्ति के लिए भी एकादशी का व्रत किया जाता है। सभी एकादशी का अ&# >>और पढ़ें

  • काल भैरव जी के 108 नाम

    भोपाल [ महामीडिया ]काल भैरव को काशी का कोतवाल माना जाता है। भैरव जी के 108 नामों को प्रतिदिन, रविवार या शनिवार को पढ़ना चाहिए, साथ ही भैरव जी को सरसों के तेल का दीप व लड्डू अर्पण करना चाहिए। इनका वाहन कुत्ता माना जाता है, अत: कुत्ते को दूध आदि पिलाते रहना चाहिए।साधकों की सुविधा के लिए ह्रीं बीजयुक्त 108 नाम दिए जा रहे हैं। यदि आप शक्ति-साधना की दीक्ष >>और पढ़ें

  • काशी में धूमधाम से मनाई जा रही है काल भैरव अष्टमी

    वाराणासी (महामीडिया) उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी काशी में भैरव अष्टमी धूमधाम से मनाई जा रही है। भक्तजन गोलघर स्थित काल भैरव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिये कतारों में लगे हुये हैं। भैरव अष्टमी के चलते मंदिरों पर आकर्षक साज सज्जा की गई है। रात 12 बजे जन्म आरती होगी। 
    काल भैरव को काशी के काेतवाल की संज्ञा से विभूषित किया जाता है। ऐ& >>और पढ़ें

  • भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप माना गया है अगहन महीना

    भोपाल (महामीडिया) हिन्दू पंचांग के अनुसार साल का नौवां महीना मार्गशीर्ष माह है। इसे अगहन भी कहा जाता है। मार्गशीर्ष यानी अगहन महीना अत्यन्त पवित्र माना जाता है। ये महीना श्रीकृष्ण को बहुत प्रिय माना गया है। शास्त्रों में इस महीने को भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप कहा गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, 13 नवंबर से मार्गशीर्ष (अगहन) मास प्रारंभ ह&# >>और पढ़ें

  • कार्तिक पूर्णिमा आज

    भोपाल (महामीडिया) कार्तिक पूर्णिमा मंगलवार यानी आज है। इसी दिन गुरु नानक जयन्ती भी है।इस दिन भगवान विष्णु का व्रत, दान व पूजन का विधान है। कार्तिक पूर्णिमा को गंगा स्नान एवं तीर्थ स्थान पर स्नान दान का बड़ा महत्व है। आज के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और गंगा स्नान कर दान करने से अनन्त पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
    पौराणिक महत्व: स् >>और पढ़ें

  • कार्तिक पूर्णिमा पर हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

    हरिद्वार (महामीडिया) कार्तिक शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का स्नान आज है। गंगा में डुबकी लगाने के लिए देश के कईं जगहों से श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंचे हैं। यह स्नान वर्ष का अंतिम स्नान पर्व है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा का स्नान मुसल योग और भरणी नक्षत्र में हो रहा है। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के लिए हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धालुओं का é >>और पढ़ें


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