महामीडिया न्यूज सर्विस
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समाचार

  • पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है 'करवा चौथ'

    भोपाल (महामीडिया) कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ है। यह व्रत 27 अक्टूबर को  है। करवाचौथ का त्योहार पति-पत्नी के मजबूत रिश्ते, प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। 'करवा चौथ' शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है, 'करवा' यानी 'मिट्टी का बरतन' और 'चौथ' यानि 'चतुर्थी'। इस त्योहार पर मिट्टी के बरतन यानी करवे का विशेष महत्व माना गया है। कार्तिक मास क& >>और पढ़ें

  • पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है 'करवा चौथ'

    भोपाल (महामीडिया) कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ है। यह व्रत 27 अक्टूबर को  है। करवाचौथ का त्योहार पति-पत्नी के मजबूत रिश्ते, प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। 'करवा चौथ' शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है, 'करवा' यानी 'मिट्टी का बरतन' और 'चौथ' यानि 'चतुर्थी'। इस त्योहार पर मिट्टी के बरतन यानी करवे का विशेष महत्व माना गया है। कार्तिक मास क& >>और पढ़ें

  • दीपावली पूजा का बड़ा रहस्य

     भोपाल (महामीडिया)     भारत के अधिकतर राज्यों में दीपावली की अमावस्‍या पर देवी लक्ष्‍मी की पूजा करते हैं लेकिन पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और असम में इस अवसर पर मां काली की पूजा होती है। यह पूजा अर्धरात्रि में की जाती है। पश्‍चिम बंगाल में लक्ष्मी पूजा दशहरे के 6 दिन बाद की जाती है जबकि दिवाली के दिन काली पूजा की जाती है।राक्षसों का वध करने के बाद & >>और पढ़ें

  • अमृतमय होती है 'शरद पूर्णिमा'

    भोपाल (महामीडिया) शरद पूर्णिमा आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को कहते हैं। मान्यता है कि संपूर्ण वर्ष में केवल इसी दिन चन्द्रमा संपूर्ण और सोलह कलाओं से युक्त होता है। इस दिन चन्द्रमा से अमृत की वर्षा होती है जो धन, प्रेम और सेहत तीनों देती है। शास्त्रों में इस दिन कोजागर व्रत माना गया है। इस दिन मंदिरों में विशेष सेवा-पूजन किया जात >>और पढ़ें

  • अमृतमय होती है 'शरद पूर्णिमा'

    भोपाल (महामीडिया) शरद पूर्णिमा आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को कहते हैं। मान्यता है कि संपूर्ण वर्ष में केवल इसी दिन चन्द्रमा संपूर्ण और सोलह कलाओं से युक्त होता है। इस दिन चन्द्रमा से अमृत की वर्षा होती है जो धन, प्रेम और सेहत तीनों देती है। शास्त्रों में इस दिन कोजागर व्रत माना गया है। इस दिन मंदिरों में विशेष सेवा-पूजन किया जात >>और पढ़ें

  • बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है दशहरा पर्व

    भोपाल (महामीडिया) बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है दशहरा पर्व। दशहरा आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। भगवान राम के रावण का वध करने और असत्य पर सत्य की विजय की खुशी में इस पर्व को मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि रावण का वध करने कुछ दिन पहले भगवान राम ने आदि शक्ति मां दुर्गा की पूजा की और फिर उनसे आशीर्वाद मिलने के बाद दशमी क >>और पढ़ें

  • शक्ति का सातवां स्वरूप है मां कालरात्रि

    भोपाल (महामीडिया) शक्ति का सातवां स्वरूप है मां कालरात्रि। मां दुर्गा के इस स्वरूप का रंग अंधकार की भांति गहरा काला है। मां कालरात्रि के गले में चपला की तरह चमकने वाली माला है। मां के तीन नेत्र ब्रह्मांड की तरह गोल हैं, जिनसे विद्युत की ज्योति हमेंशा चमकती रहती है। नासिका के श्वास-प्रश्वास से अग्नि की ज्वालाएं निरंतर प्रवाहित होती रहत >>और पढ़ें

  • नवरात्र के छठे दिन देवी कात्यायनी की होती है श्रद्धा भाव से पूजा

    भोपाल (महामीडिया) आज नवरात्र का छठा दिन है। आज पूरे श्रद्धाभाव से देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार देवी ने कात्यायन ऋषि के घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया था, इसी कारण इनका नाम कात्यायनी पड़ा। मां कात्यायनी का यह स्वरूप बहुत ही अमोघ फलदायिनी माना जाता है। दिव्य रुपा कात्यायनी देवी का शरीर सोने के समाना चमकीला है&# >>और पढ़ें

  • आज होती है स्कंदमाता की पूजा

    भोपाल (महामीडिया) शारदीय नवरात्र में श्रद्धालु मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप मां स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा करते हैं और उनसे सदबुद्धि की कामना करते हैं। मां के इस रूप की पूजा से मंद बुद्धि भी ज्ञानवान हो जाता है। आज सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। मान्यता है कि मां दुर्गा के इस स्वरूप को कमल पुष्प चढ़ाने से माता >>और पढ़ें

  • "नवरात्रि" एक सनातन भारतीय पर्व है

    भोपाल (महामीडिया) हमारे देश में नवरात्रि पर्व सनातन काल से मनाया जाता रहा है। नवरात्रि में देवियों के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है जिन्हें नवदुर्गा कहा जाता है। हमारी चेतना में भी 3 तरह के गुण पाये जाते हैं इन ९ दिनों में पहले तीन दिन तमोगुणी प्रकृति की आराधना करते हैं, दूसरे तीन दिन रजोगुणी और आखरी तीन दिन सतोगुणी प्रकृति की आराधना è >>और पढ़ें

  • शक्ति की उपासना

    भोपाल (महामीडिया) नवरात्रि एक सनातन भारतीय पर्व है। नवरात्रि एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है 'नौ रातें'। इन नौ रातों और दस दिनों के समय, शक्ति/देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। दसवाँ दिन विजय दशमी के नाम से प्रसिद्ध है। नवरात्रि वर्ष में चार बार आती है। पौष, चैत्र, आषाढ़, अश्विन प्रतिपदा से नवमीं तक मनाया जाता है। नवरात्रि के नौ रातों म >>और पढ़ें

  • नवरात्र में क्यों उगाए जाते हैं 'जवारे'

    भोपाल   (महामीडिया)     पूरे भारतवर्ष में नवरात्र में देवी के सामने अखंड दीपक जलाकर किसी पात्र में अनाज बोकर जवारे उगाए जाते हैं। नौ दिनों में अंकुरित होकर 'जवारा' कहलाने वाले इन नन्हे रोपों की नवरात्र में बहुत महत्ता है। नौ दिन पूरे होने के बाद कुछ 'जवारे' भंडारगृह में और शेष को किसी जलाशय में विसर्जित करने की प्रथा बहुत प्राचीन काल से चल >>और पढ़ें

  • पितृ ऋण से मुक्ति के लिए किया जाता है श्राद्ध

    भोपाल (महामीडिया) पितरों का हमारे जन्म, संस्कार और भावनाओं से संबंध होता है। हमारे परिवार में जिन पूर्वजों का देहअवसान हो चुका है उन्हें हम पितृ रूप में पूजते हैं। मान्यता है कि पितृपक्ष में पितृ धरा पर आकर अपने लोगों की समस्यायें दूर कर उन्हें आशीर्वाद देते हैं। उनकी स्मृति में हम पितृ पक्ष में दान धर्म का पालन करते हैं। शास्त्रों के अ&# >>और पढ़ें

  • पितृ पक्ष में विधिविधान के साथ किया जा रहा है पूर्वजों का श्राद्ध

    भोपाल (महामीडिया) आज से पितृ पक्ष शुरू हो गये हैं। नदियों, तालाबों में लोग आज स्नान कर पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त कर जल अर्पण कर रहे हैं और पितृ ऋण से मुक्त होने की प्रार्थना कर रहे हैं। पूर्वजों की पूजन भी तिथि के अनुसार की जाती है। अतः इसी दिन तर्पण और श्राद्ध करते हैं। आज मध्याह्न में प्रतिपदा का श्राद्ध होगा जबकि अगले प्रतिपदा है फì >>और पढ़ें

  • अनंत चतुर्दशी के अवसर पर भगवान श्रीगणेश की हुई विदाई

    भोपाल (महामीडिया) कल अनंत चतुर्दशी के अवसर पर भगवान श्रीगणेश को विदाई दी गई। राजधानी भोपाल सहित पूरे देश में आज गाजे-बाजे के साथ यशक्ति अनुसार भगवान श्रीगणेश को लोगों ने विदाई दी। आकर्षक साज-सज्जा से सजी झांकियां चल समारोह में शामिल हुईं एवं नदियों तालाबों पर गणेश विर्सजन हुआ। धूमधाम से शुरू हुआ यह त्यौहार अनंत चतुर्दशी के अवसर पर भगव >>और पढ़ें


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