छत्तीसगढ़ के एक स्कूल से हर साल निकलते हैं फौजी और पुलिस जवान

छत्तीसगढ़ के एक स्कूल से हर साल निकलते हैं फौजी और पुलिस जवान

रायपुर [ महामीडिया ]छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक स्कूल ऐसा है, जहां पर सिर्फ  किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि देशभक्ति का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है। यहां पर किशोरावस्था से ही देश की रक्षा, सीमा पर तैनात फौजियों की ओर आकर्षित किया जाता है।बच्चों को ऐसी शिक्षा  जा रही है की  प्रतिवर्ष 10 से 12 बच्चों का चयन सेना और पुलिस में हो रहा है। ये बच्चे शुरू से ही जवान बनने की इच्छा पाल लेते हैं। पिछले सालों में यहां से पढ़कर निकलने वाले बच्चे फौजी या पुलिस के जवान बन रहे हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि जो बच्चे यहां से पढ़करनिकले हैं और फौज या पुलिस में सेवा दे रहे हैं, वे एल्युमिनी बनकर यहां के दूसरे बच्चों को फौज में जाने के लिए प्रेरित करते हैं।पिछले दस वर्षों में गुरुकुल ने 150 से अधिक जवान तैयार किए हैं, जो इन दिनों मातृभूमि की सेवा में लगे हुए हैं। बच्चों को शुरू से ही बताया जाता है कि देश सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। मां बंजारी मंदिर की ओर से संचालित गुरुकुल में छात्रों को भारत के इतिहास से रूबरू कराया जाता है और देश के वीर योद्धाओं की गाथाएं सुनाई जाती हैं। देशप्रेम की भावना जगाने के लिए गुरुकुल में महाराणा प्रताप, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाषचंद्र बोस और अब्दुल कलाम जैसे महापुरुषों के नाम से हॉल बनाया गया है, जहां देशभक्ति से जुड़ी प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। फौज या पुलिस में भर्ती के लिए पूर्व छात्रों की मदद ली जाती है, जो समय-समय पर छात्रों को उचित मार्गदर्शन देते रहते हैं। देश को समर्पित वीर जवान तैयार करने वाले गुरुकुल की शुरुआत 2003 में हुई। उस समय नौवीं से 12 वीं कक्षा तक की पढ़ाई होती थी।
 

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