नई शिक्षा नीति से क्षेत्रीय शिक्षकों को मिलेंगे रोजगार के अवसर 

नई शिक्षा नीति से क्षेत्रीय शिक्षकों को मिलेंगे रोजगार के अवसर 

रायपुर (महामीडिया) नई शिक्षा नीति एक उत्कृष्ट शिक्षक की वकालत करती है। इसके तहत शिक्षक पेशे में तभी नौकरी मिल सकती है जब अभ्यर्थी चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रम कर पाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र में कुछ विशेष मेरिट आधारित छात्रवृत्ति भी स्थापित की जाएगी। ऐसे अभ्यर्थी जो स्थानीय भाषा बोलते हैं, उन्हें शिक्षण कार्य के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। अब प्राथमिक शिक्षा भी क्षेत्रीय भाषा में होगी, इसलिए क्षेत्रीय शिक्षकों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। शिक्षक भर्ती में पहले की तरह ही शिक्षक पात्रता परीक्षा और राज्य या राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा होती रहेगी। शिक्षकों में विशेष रूप से कला, शारीरिक शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा और भाषाओं जैसे विषयों में शिक्षकों को एक स्कूल या एक स्कूल कॉम्पलेक्स में भर्ती किया जा सकता है। इसे ग्रुप ऑफ स्कूल कहा जाएगा। नई शिक्षा नीति में कहा गया है कि शिक्षक बनने के लिए चार वर्षीय बीएड डिग्री साल 2030 से न्यूनतम क्वालिफिकेशन होगी। निम्न स्तर के शिक्षण शिक्षा संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगले साल से देश भर में दो वर्ष का बीएड कोर्स खत्म कर चार वर्ष का इंटीग्रेटेड बीएड शुरू किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2016 से 100 सीट पर चार वर्षीय बीएड कोर्स शुरू हो चुका है।
यह होगी प्रक्रिया
- एनसीईआरटी बनाएगा सर्टिफिकेट कोर्स और डिप्लोमा का पाठ्यक्रम
- बेसिक कक्षाओं में पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए भी जरूरी होंगे दोनों कोर्स
- सभी आंगनबाड़ी कर्मचारियों को कराया जाएगा यह विशेष प्रशिक्षण
- प्री-प्राइमरी से कक्षा दो तक के लिए पृथक कैडर का ढांचा होगा तैयार
ये बदलाव हुए
एनसीटीई को उसके बाद हर 5-10 साल में एक बार संशोधित किया जाएगा, ताकि संशोधित एनसीएफ के साथ-साथ शिक्षक शिक्षा में उभरती जरूरतों को भी प्रतिबिंबित किया जा सके। ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग के लिए मान्यता रखने वाले बहु-विषयक उच्च शिक्षा संस्थानों में भी उच्च-गुणवत्ता वाले मिश्रित या ओडीएल मोड में बीएड प्रोग्राम संचालित किया जाएगा।
 

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