भारतीय एंड्रॉइड डिवाइस उपयोगकर्ताओं के डाटा को खतरा http://www.mahamediaonline.com

भारतीय एंड्रॉइड डिवाइस उपयोगकर्ताओं के डाटा को खतरा

नई दिल्ली (महामीडिया) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम ने भारत में एंड्रॉइड उपयोगकर्ताओं के लिए एडवाइजरी जारी की है. इस एडवाइजरी के मुताबिक वो सभी जो एंड्रॉइड डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं या जो एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम (एंड्रॉइड 10) के नए वर्जन को नहीं चला रहे हैं उन पर स्नूप किए जाने का खतरा है.
हमलावर आपके माइक और कैमरे की मदद से एंड्रॉइड फोन यूजर की जासूसी कर सकते हैं, यही नहीं वो जीपीएस के जरिए आपकी लोकेशन भी ट्रेस कर सकते हैं. अगर साइबर क्रिमिनल आपकी डिवाइस से छेड़छाड़ कर लेते हैं हमलावर के पास आपके लॉगिन क्रेडेंशियल, मैसेज, फोन कॉल्स डिटेल्स और फोटो जा सकती है.
क्या है एडवाइजरी?
हाल ही में गूगल प्लेस्टोर पर एंड्राइड में ऐसी ही खामी को पकड़ा गया था, जिसके चलते डेटा एक्सेस होने का खतरा बढ़ गया था. सीईआरटी-इन की तरफ से सलाह दी गई है कि आपको हाल ही में जारी किए अपडेट से पैच लेने की जरूरत है. इसके लिए सेटिंग में जाकर अपडेट को चेक कर लें.
इसके अलावा सीईआरटी-इन ने ये भी कहा है कि आपको अविश्वसनीय सोर्सेज से कोई मैसेज और ई-मेल पर भेजे लिंक को भी डाउनलोड और इंस्टॉल नहीं करना चाहिए. साथ ही आपको अपने एंड्रॉइड सिस्टम की सिक्योरिटी सेअनकनाऊ सोर्स से इंस्टॉल एप्लीकेशन का ऑप्शन भी बंद कर देना चाहिए.
सीईआरटी-इन ने ये भी कहा है कि कि किसी भरोसेमंद कंपनी से ही डाउनलोड किए गए एप्लीकेशन फोन में इस्तेमाल करें. ऐसी साइट्स पर न जाएं जो विश्वास के लायक न हों.
 

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