गुजरात जितना बड़ा ग्लेशियर यदि पिघला तो 9 करोड़ लोगों पर आएगी आफत

गुजरात जितना बड़ा ग्लेशियर यदि पिघला तो 9 करोड़ लोगों पर आएगी आफत

नई दिल्ली [ महामीडिया ] ये कोई छोटा-मोटा ग्लेशियर नहीं है। इसका आकार लगभग गुजरात के क्षेत्रफल के बराबर है। इतना ही नहीं यह समुद्र के अंदर कई किलोमीटर की गहराई तक डूबा हुआ है। लेकिन अब सबसे बड़ी चिंता ये है कि ये बेहद तेजी से पिघल रहा है। अगर ऐसा हुआ तो पूरी दुनिया के सभी समुद्रों का जलस्तर अगले 50 सालों में 2 फीट और 70 सालों में करीब 5 फीट तक बढ़ जाएगा.। इस ग्लेशियर का नाम है थ्वायटेस  यह अंटार्कटिका के पश्चिमी इलाके में स्थित है।  इसे लोग डूम्स-डे ग्लेशियर भी कहते हैं. यानी वो ग्लेशियर जो कयामत वाले दिन पिघलेगा।  पिछले 30 सालों में इसके पिघलने की दर दोगुनी हो गई है.ये कोई छोटा-मोटा ग्लेशियर नहीं है। इसका आकार लगभग गुजरात के क्षेत्रफल के बराबर है. इतना ही नहीं यह समुद्र के अंदर कई किलोमीटर की गहराई तक डूबा हुआ है। लेकिन अब सबसे बड़ी चिंता ये है कि ये बेहद तेजी से पिघल रहा है। अगर ऐसा हुआ तो पूरी दुनिया के सभी समुद्रों का जलस्तर अगले 50 सालों में 2 फीट और 70 सालों में करीब 5 फीट तक बढ़ जाएगा। इस ग्लेशियर का नाम है थ्वायटेस  यह अंटार्कटिका के पश्चिमी इलाके में स्थित है। इसे लोग डूम्स-डे ग्लेशियर भी कहते हैं. यानी वो ग्लेशियर जो कयामत वाले दिन पिघलेगा। पिछले 30 सालों में इसके पिघलने की दर दोगुनी हो गई है.थ्वायटेस  ग्लेशियर का क्षेत्रफल 192,000 वर्ग किलोमीटर है। यानी कर्नाटक के क्षेत्रफल 191,791 वर्ग किलोमीटर से थोड़ा बड़ा और गुजरात के क्षेत्रफल 196,024 वर्ग किलोमीटर से थोड़ा छोटा। 
 

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