गर्मियों में फूड पाइजनिंग से रहें सावधान

www.mahamediaonline.comकॉपीराइट © 2014 महा मीडिया न्यूज सर्विस प्राइवेट लिमिटेड

भोपाल (महामीडिया) कई राज्यों में भीषण गर्मी के चलते फूड पाइजनिंग की संभावना बढ़ना स्वाभाविक है। इसलिए हमें ऐसे मौसम में कुछ ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता है अन्यथा यह जानलेवा सिद्ध हो सकती है। सबसे बड़ी सावधानी है कि बाजार का कोई भी कटा-फटा फल न तो खरीदें और न ही उनका सेवन करें। इसी प्रकार घर अथवा होटल का बासा खाना न खायें। इसी तरह से खराब तेल-मसालों की बिकने वाली वस्तुओं से बचें। गर्मी के मौसम में कई तरह की समस्याएं सामने आ जाती हैं. इन समस्याओं में हीट स्ट्रोक भी एक समस्या है. भीषण गर्मी में बच्चे सबसे ज्यादा हीट स्ट्रोक की चपेट में आ रहे हैं. इसमें गर्मी में इंसान के शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन होने की संभावना बढ़ जाती है. गर्मी में ज्यादा देर धूप में रहने से शरीर से अधिक मात्रा में पसीना निकलने के कारण पानी की कमी हो जाती है. इससे सर में दर्द, थकान, सुस्ती, भूख का कम होना बदन में ऐंठन, उल्टी होना, पेट मे दर्द, जलन, दस्त होना, चक्कर आना साथ ही मानसिक संतुलन बिगड़ने जैसे हालात पैदा हो जाते हैं. इंसान का शरीर 37 डिग्री तक तापमान सहन करने में सक्षम होता है. तापमान इससे ऊपर जाने पर शरीर में कई प्रकार की दिक्कत महसूस होने लगती है, शरीर से पानी खत्म होने लगता है खून गाढ़ा हो जाता है. ऐसे में बच्चे जल्दी इन बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं. इसके लिए काफी सावधानियां बरतने की जरूरत है.
शिकंजी का इस्तेमाल: गर्मी और धूप से होने वाली बीमारी से बच्चों को बचाने के लिए एहतियात बरतने की जरूरत होती है. ऐसे में बच्चों को कोल्ड ड्रिंक से दूर रखें और शिकंजी का इस्तेमाल करें. इसके अलावा गुड़ को दही में मिला कर बच्चों को खिलाना चाहिए.
बाहर बिकने वाले खाद्य पदार्थ न खाएं:  गर्मी में फूड पॉइजनिंग की आशंका भी बढ़ जाती है. इसलिए कटा हुआ फल न खरीदें और न ही देर से रखा हुआ खाना खाएं, बाहर खुले में बिकने वाले तले हुए खाद्य पदार्थ का सेवन भी न करें. कोशिश करें कि गर्मी में तरल पदार्थ का सेवन अधिक करें. बाजार में खुले रूप से बिकने वाले जूस का सेवन भी घातक हो सकता है, उससे बचना चाहिए.
खाली पेट न रहें: घर से बाहर निकलते समय खाली पेट न जाएं, अधिक देर भूखे रहने से भी बचना चाहिए. घर से बाहर निकलते समय शिकंजी, ठंडा शर्बत या पानी जरूर पी लेना चाहिए. साथ ही पानी की बोतल भी लेकर चलना चाहिए. बहुत अधिक पसीना आने पर तुरंत ठंडा पानी नहीं पीएं, जबकि सादा पानी धीरे-धीरे कर के पीना शुरू करें, लस्सी का सेवन अधिक करें.