महर्षि संस्थान में धूमधाम से मना चैत्र नवरात्र महोत्सव

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धमेन्द्र सिंह ठाकुर भोपाल। महर्षि महेश योगी संस्थान में चल रहे चैत्र-नवरात्र महोत्सव का समापन आज श्री सहस्त्रचण्डी महायज्ञ में पूर्णाहूति के साथ सम्पन्न हुआ। पूर्णाहूति ब्रह्मचारी गिरीश जी के कर कमलों द्वारा दी गई। इस अवसर पर 121 कन्याओं को भोजन कराया गया। भोजपुर मार्ग स्थित ग्राम दीपड़ी में नवनिर्मित महर्षि उत्सव प्रांगण में विगत 29 अप्रैल से 5 अप्रैल तक नवरात्र महोत्सव की धूम रही। प्रत्येक दिन सुबह के सत्र में जहां सहस्त्रचण्डी महायज्ञ, पूजन, हवन आदि वैदिक पंडितों द्वारा वैदिक रीति रिवाज के किया गया तो वहीं संध्या सत्र में श्री वृन्दावन धाम से आये प्रसिद्ध रामकथा वाचक पंडित श्री उपदेश कृष्ण शास्त्री ने हर दिन रामकथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबाए रखा। नवरात्र के आज अंतिम दिन भी बड़ी धूमधाम से सैकड़ों वैदिक पंडितों ने मंत्रोच्चार द्वारा देवताओं का पूजन, चण्डी पाठ, हवन और उसके बाद पूर्णाहूति दी गई। ब्रह्मचारी गिरीश जी ने पूर्णाहुति के बाद उपस्थित कन्याओं के पैर धोकर उनकी आरती उतारी और फिर कन्याओं को भोज कराया। भोजन-प्रसादी के अवसर पर सैकड़ों की संख्या में भक्त लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद ब्रह्मचारी गिरीश ने इस धार्मिक आयोजन में सहभागिता के लिए सभी को धन्यवाद दिया। इस अवसर ब्रह्मचारी गिरीश जी ने बताया कि देशभर में कुल मिलाकर 27 शक्तिपीठ मंदिरों में महर्षि महेश योगी संस्थान के विद्वान वैदिक पंडितों ने महायज्ञ कर एक उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने यह भी बताया कि महर्षि महेश योगी जन्म शताब्दी समारोह जो बीते 12 जनवरी से आरंभ हैं, इसके अंतर्गत देशभर में अभी तक पांच लोगों ने महर्षि के ध्यान कार्यक्रम से जुड़ने में रूचि दिखाई है। इन लोगों में भिन्न विश्वविद्यालयों सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों, स्कूल आदि के लोग शामिल हैं। महर्षि जन्म शताब्दी समारोह अगले वर्ष 12 जनवरी तक चलेगा।