कार्तिक पूर्णिमा है आज

कार्तिक पूर्णिमा है आज

भोपाल (महामीडिया) आज कार्तिक पूर्णिमा है। श्री विष्णु पुराण और नारद पुराण में कार्तिक माह की पूर्णिमा के बारे में कहा गया है कि यह वर्ष की एकमात्र ऐसी पूर्णिमा है जो समस्त सुख, ऐश्वर्य प्रदान करने के साथ ही मृत्यु के पश्चात बैकुंठ लोक की प्राप्ति करवा सकती है। इस पूर्णिमा का व्रत जो व्यक्ति करता है उसे सहस्त्र कोटि यज्ञों के समान पुण्य प्राप्त होता है। कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली के रूप में भी मनाया जाता है।
शास्त्रों के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन है भगवान विष्णु ने अपना पहला अवतार मत्स्य रूप धारण किया और प्रलय काल के दौरान वेदों की रक्षा की थी। इसके साथ ही भगवान शिव ने इसी तिथि पर त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था। जिससे सभी देवतागण बहुत प्रसन्न हुए थे और भगवान विष्णु ने महादेव को त्रिपुरारी नाम दिया और यह तिथि त्रिपुरी पूर्णिमा के नाम से जानी गई। इस दिन चंद्रोदय के समय भगवान शिव और कृतिकाओं की पूजा करने का विधान है। ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद बनाए रखते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन हाथ में कुशा लेकर पवित्र नदियों में स्नान करने का महत्व बताया गया है। अगर गंगा समेत किसी भी पवित्र नदी स्नान करना संभव नहीं है तो नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर हाथ में कुशा लेकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद भगवान नारायण की पूजा करनी चाहिए और सत्यनारायण की कथा कहनी चाहिए।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन जप, तप व दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन दिए गए दान का फल दस यज्ञों के समान पुण्यकारी माना गया है। इस दिन जरूरतमंदों को दान देना चाहिए। दान में मौसमी फल, उड़द की काली दाल, कंबल, चावल देना बहुत शुभ माना गया है। इस दिन सांयकाल के समय चंद्रमा को अर्घ्य भी देना चाहिए, ऐसा करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
 

सम्बंधित ख़बरें