पितृपक्ष की मातृ नवमी आज

पितृपक्ष की मातृ नवमी आज


भोपाल [ महामीडिया ] आज श्राद्ध पक्ष की मातृ नवमी है। पितृ पक्ष में इस दिन का विशेष महत्व होता है। इस दिन घर की उन सभी महिलाओं की पूजा की जाती है, जिनका निधन हो चुका होता है। मान्यता है कि इस दिन श्राद्ध करने से माताओं का आशीर्वाद मिलता है और श्राद्ध करने वाले व्यक्ति की सभी मनोकानाएं पूरी होती हैं। पितृ पक्ष की मातृ नवमी को सौभाग्यवती नवमी भी कहते हैं। इस दिन मातृ ऋण से भी मुक्ति पाई जा सकती है।
जीवन में सबसे बड़ा ऋण हमारी माता का ही होता है। चतुर्थ भाव, चन्द्रमा और शुक्र मुख्य रूप से माता और उसके सम्बन्ध के बारे में बताते हैं। अगर कुंडली में राहु का सम्बन्ध चतुर्थ भाव चन्द्रमा या शुक्र से हो तो समझना चाहिए कि कुंडली में मातृ ऋण है। हाथों का कठोर होना और हथेलियों का काला होना भी मातृ ऋण के बारे में बताता है। मातृऋण का शोधन न कर पाने पर, तमाम तरह की समस्याएं पैदा होती हैं । मातृऋण का शोधन मातृनवमी पर सरलता के साथ किया जा सकता है।

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