इस बार महाशिवरात्रि पर बुधादित्य और कालसर्प योग

इस बार महाशिवरात्रि पर बुधादित्य और कालसर्प योग

नई दिल्ली [ महामीडिया ]  21 फरवरी को महाशिव रात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन विशेष संयोग बन रहा है जो पर्व को और भी खास बनाएगा। इसमें विष योग, बुधादित्य और कालसर्प योग, अंगारक योग भी रहेगा। साथ ही पंचमहापुरुष योग में से एक मालव्य योग व गुरु कुलदीपक योग बनाएंगे। माल्वय व कुलदीपक योग 21फरवरी की रात्रि 2.15 बजे से भोर में 4.19 बजे तक रहेगा।ये सभी योग महाशिवरात्रि पर्व को और भी खास बना रहे हैं। इस विशेष योग में जन्म लेने वाले जातक पर भगवान शिव की विशेष कृपा बरसेगी। महाशिवरात्रि 21 तारीख फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को पड़ेगी।इस दिन शाम 5.20 बजे से शुरू होकर अगले दिन 22 फरवरी दिन शनिवार को शाम सात बजकर दो मिनट तक रहेगी। रात्रि प्रहर की पूजा शाम को 6.41 बजे से रात 12.52 बजे तक होगी। अगले दिन सुबह मंदिरों में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाएगी।ऐसे में भगवान चंद्रमौलीश्वर का पूजन अवश्य करना चाहिए। चंद्रमा मन का कारक है। वहीं शनि दुख कर कारक है। ऐसे में चंद्र-शनि की युक्ति को विष योग कहते हैं। इसका एक पक्ष यह भी है कि मन जब भी अवसाद में आता है तो विरक्त होने लगता है।साथ ही ये योग ज्ञान की खोज भी कराता है। भगवान शिव का दुग्ध, दही, मधुरस, घृत, गन्ना रस, शक्कर समेत विभिन्न प्रकार से अभिषेक करना चाहिए। इससे भगवान शिव की कृपा मिलेगी।
 

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