आपदा की चपेट में ऑस्ट्रेलिया

आपदा की चपेट में ऑस्ट्रेलिया

कैनबरा  [ महामीडिया ] ऑस्ट्रेलिया जंगलों में लगी आग से अभी निपटा नहीं था कि देश पर एक और आफत आ गई। ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर सोमवार को आंधी तूफान और ओलावृष्टि का कहर बरपा। इन दिनों ऑस्ट्रेलिया के जंगलों लगी आग से तबाह हुए जंगल को वापस उसी रूप में आने में लगभग 100 साल का समय लग जाएगा। वहीं, अब आंधी तूफान और ओलावृष्टि से देश में और ज्यादा मुसीबत का माहौल बन गया है।देश की राजधानी में आए इस तूफान से ऑस्ट्रेलिया की शिखर विज्ञान एजेंसी को भारी नुकसान हुआ। राष्ट्रमंडल वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान संगठन  ने मंगलवार को पुष्टि की कि कैनबरा में उसके 65 ग्लासहाउस, जो सब कृषि अनुसंधान में काम आते थे वे सब तूफान से क्षतिग्रस्त हो गए। बताया गया कि दुर्भाग्य से, इस तूफान में परियोजनाओं में से अधिकांश सभी परियोजनाएं पूरी तरह से खत्म हो गई है।बता दें कि राजधानी कैनबरा में सोमवार को जबरदस्त ओलावृष्टि हुई, पेड़ जड़ से उखड़े नजर आए। आपात सेवाओं के अधिकारियों ने लोगों से उनके वाहनों को पेड़ों और बिजली की तारों से दूर, किसी छत्त के नीचे रखने को कहा। वहीं, बताया गया कि अभी भी यह तूफान थमा नहीं है। मौसम विज्ञान ब्यूरो ने सिडनी सहित न्यू साउथ वेल्स के दक्षिण-पूर्व में लोगों को आने वाले तूफान के लिए तैयार रहने को कहा है।कहा गया कि भयानक आंधी तूफान से भारी नुकसान होने, भीषण हवाएं चलने, जबरदस्त ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। वहीं, इन इलाकों में अगले कुछ घंटों में बाढ़ की भी चेतावनी जारी की गई है।तूफान की वजह से 1,000 से अधिक घरों में बिजली चली गई और ऑस्ट्रेलियाई राजधानी क्षेत्र  आपातकालीन सेवा एजेंसी को मदद के लिए 1,900 से अधिक कॉल मिले। आपको बता दें कि इससे पहले ऑस्ट्रेलिया अपने जंगलों में लगी आग से भी लड़ रहा है।
 

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