रूस की कोरोना वैक्सीन से दो सालों तक छू नहीं सकेगा कोरोना वायरस

रूस की कोरोना वैक्सीन से दो सालों तक छू नहीं सकेगा कोरोना वायरस

नई दिल्ली [ महामीडिया ]दुनियाभर में फैली कोरोना वायरस महामारी के लिए रूस ने 'स्पूतनिक वी' नामक वैक्सीन बनाई है। राष्ट्रपति पुतिन ने दावा किया है कि यह दवा पूरी तरह से सुरक्षित है और असरदार है। हालांकि, दुनिया के कई एक्सपर्ट्स इसके पूरी तरह से सुरक्षित होने के दावे पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अब रूस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने वैक्सीन को लेकर नया दावा किया है।रूस के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि कोरोना वैक्सीन 'स्पूतनिक वी' कम से कम दो सालों तक कोरोना वायरस से सुरक्षा प्रदान करेगी। रूस की कोरोना वैक्सीन का असर सिर्फ छह महीने या सालभर तक के लिए नहीं होगा, बल्कि यह दो साल तक असर करेगी और वायरस को दूर रखेगी।यह वही संस्थान है, जिसने कोरोना वायरस की वैक्सीन को विकसित किया है। रूस के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन का पहला बैच दो सप्ताह के अंदर ही आ जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने बुधवार को कहा, 'कोरोनो वायरस संक्रमण के खिलाफ वैक्सीन के पहले पैकेजेस अगले दो सप्ताह के भीतर प्राप्त हो जाएंगे।'विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि संगठन अतिरिक्त जानकारी प्राप्त करने के लिए रूस के साथ संपर्क में है।रूसी स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ विकसित की गई वैक्सीन निश्चित रूप से कारगर है और यह अन्य देशों को भी उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन घरेलू स्तर पर इसकी मांग को ध्यान में रखकर आपूर्ति करना हमारी पहली प्राथमिकता है। 

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