भारत में जल्द स्थापित हो सकता है एक डिस्प्ले फैब्रिकेशन संयंत्र 

भारत में जल्द स्थापित हो सकता है एक डिस्प्ले फैब्रिकेशन संयंत्र 

नईदिल्ली [ महामीडिया]वेदांत समूह भारत में एक डिस्प्ले फैब्रिकेशन संयंत्र स्थापित करने के लिए सरकार से बातचीत कर रही है।  प्रवासी भारतीय अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली कंपनी के लिए इस क्षेत्र में दस्तक देने का यह दूसरा प्रयास है। करीब पांच साल पहले कंपनी ऐसी ही एक असफल कोशिश की थी जब उसने महाराष्ट्र में पांच चरणों में 10 अरब डॉलर के निवेश से एक विशाल संयंत्र स्थापित करने की योजना बनाई थी। प्रौद्योगिकी के लिए वेदांत ने एलजी के साथ करार किया था।यदि सरकार के साथ बातचीत सफल रही तो देश में पहला डिस्प्ले फैब्रिकेशन संयंत्र होगा और इससे भारत को वैश्विक मानचित्र पर एक खास जगह मिलेगी जहां फिलहाल कुछ चुनिंदा देश ही मौजूद हैं।डिस्प्ले फैब्रिकेशन संयंत्र में एक जटिल प्रक्रिया के जरिये स्क्रीन का विनिर्माण किया जाता है जिसमें शीशे के टुकड़ों के साथ ट्रांजिस्टर सेल, मिश्र धातु और सिलिकॉन का उपयोग होता है। इस प्रकार के संयंत्र के लिए न्यूनतम 2 से 3 अरब डॉलर के शुरुआती निवेश की आवश्यकता होती है। इस संयंत्र में शीशे को अन्य पुर्जों के साथ असेंबल किया जाता है ताकि स्क्रीन को बिजली दी जा सके। इस प्रकार के अधिकतर संयंत्रों में एक असेंबलिंग इकाई भी होती है।इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय वेदांत के अलावा अन्य संभावित कंपनियों के साथ काफी सक्रियता से इस मुद्दे पर बातचीत कर रहा है।

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