डेंटल सर्जन भर्ती घोटाले में नागर और शर्मा आरोपी बनाये गए

डेंटल सर्जन भर्ती घोटाले में नागर और शर्मा आरोपी बनाये गए

नईदिल्ली [ महामीडिया] हरियाणा में हुए डेंटल सर्जन भर्ती घोटाले की जांच कर रही स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने सोमवार को आरोपी नवीन और अश्विनी को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों का एक और दिन का रिमांड विजिलेंस को मिल गया। रिमांड मिले के बाद विजिलेंस नवीन, अश्विनी और अनिल नागर को लेकर हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन के कार्यालय पहुंची और रिकॉर्ड खंगाला। टीम अपने साथ एक प्रिंटर व कुछ दस्तावेज ले गई है।इससे पहले विजिलेंस की टीम ने रविवार को भिवानी के कोंठ गांव में दबिश दी थी। यह गांव नवीन का है। विजिलेंस ने नवीन के घर से कुछ डेंटल फार्म और रोल नंबर बरामद किए थे। देररात को ही विजिलेंस टीम वापस पंचकूला लौट आई थी। बता दें कि मामले में एचपीएससी के डिप्टी सेक्रेटरी अनिल नागर और अश्विनी शर्मा भी आरोपी हैं।विजिलेंस के सर्च अभियान में एचसीएस अधिकारी अनिल नागर के पंचकूला घर से करीब 12 लाख कैश, 50 लाख की कीमत की जमीन के कागज, लैपटॉप और फोन बरामद किया गया। इससे पहले विजिलेंस ने झज्जर से अश्विनी के घर से करीब एक करोड़ आठ लाख रबरामद किए थे। नवीन से करीब 20 लाख बरामद किए थे।
 

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