राशिफल

मेष

इस महीने आप किसी नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर सकते हैं। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। करियर-बिजनेस से संबंधित यात्रा करनी पड़ सकती है।

वृषभ

इस महीने पैसों से जुड़े मामलों में जोखिम न लें। धन वृद्धि के योग बनेंगे। अगस्त में आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। आपकी कार्यक्षेत्र में प्रशंसा होगा।

मिथुन

मिथुन राशि वालों को इस महीने कार्यक्षेत्र में थोड़ा रिस्क बढ़ सकता है। लेकिन यह समय आप आसानी से गुजार पाएंगे। परिवार से अचानक शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है।

कर्क

कर्क राशि वालों को इस महीने यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। घर में खुशियां आएंगी। व्यापार और नौकरी के लिहाज से यह महीना काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।

सिंह

इस महीने बेवजह खर्च से बचें। फिजूलखर्ची से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा।

कन्या

कन्या राशि वालों का परिवार के किसी सदस्य के साथ मनमुटाव हो सकता है। धन वृद्धि के योग बनेंगे, लेकिन अचानक से कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है। धन प्राप्ति के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है।

तुला

तुला राशि वालों को कार्यक्षेत्र में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। नौकरी बदलने का विचार कर सकते हैं। व्यापार में लाभ के योग बनेंगे।

वृश्चिक

इस दौरान आपके हाथ कोई बड़ा प्रोजेक्ट लग सकता है। धन वृद्धि के योग बनेंगे। इस महीने थोड़ा तनाव रह सकता है। किसी के साथ वाद-विवाद होने की संभावना है।

धनु

कार्यक्षेत्र में आप उन्नति करेंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। प्रेम संबंधों को लेकर असमंजस में रह सकते हैं। महीने के अंत में आर्थिक नुकसान हो सकता है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। पैसों के मामले में सावधानी बरतें।

मकर

मकर राशि वालों के लिए यह महीना शुभ परिणाम लेकर आएगा। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। इस महीने धन लाभ के प्रबल योग बनेंगे। वाद-विवाद से बचें।

कुंभ

नौकरी में तरक्की मिल सकती है। कोई नया प्रोजेक्ट हाथ लग सकता है। इस महीने यात्राओं से बचें। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है।

मीन

मीन राशि वालों को बेवजह खर्च का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र से किसी तरह की खुशखबरी मिल सकती है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। महीने के अंत में कोई शुभ समाचार मिल सकता है।

मेष

मेष राशि के जातकों के लिए नया साल 2021 कुल मिलाकर सफलता और तरक्की देने वाला रहेगा। वर्ष में ग्रह गोचर में परिवर्तन के कारण अनेक बार लाभ के सुअवसर प्राप्त होंगे। वर्ष के प्रारंभ से लेकर 5 अप्रैल 2021 तथा आगे 14 सितंबर से 20 नवंबर 2021 तक नीच राशि में स्थित गुरु दशम स्थान में गोचर करने से नौकरी, कारोबार में बदलाव, धार्मिक कार्यो में खर्च, वैवाहिक सुख में कमी, मानसिक तनाव तथा पारिवारिक जीवन में विवादित स्थिति बनेगी।

वृषभ

वृषभ राशि के जातकों के लिए साल 2021 कई सौगातें लेकर आ रहा है, लेकिन उन अवसरों को पहचानना होगा, वरना मौके हाथ से छूट जाएंगे। वर्ष प्रारंभ होने के पूर्व से लेकर 5 अप्रैल 2021 और 14 सितंबर से 20 नवंबर 2021 तक गुरु के नीच राशि में होकर नवम स्थान में गोचर करने से संतान सुख, धार्मिक कार्यो में रुचि, भाग्य में उतार-चढ़ाव, भाइयों से मतभेद, संतान प्राप्ति में बाधा रहेगी, लेकिन जिन जातकों की जन्मकुंडली में गुरु बलवान होगा उन्हें लाभ की स्थितियां बनेंगी।

मिथुन

मिथुन राशि के जातकों के लिए साल 2021 शनि के लघु कल्याणी ढैया के प्रभाव में गुजरेगा। यह ढैया 24 जनवरी 2020 से चल रहा है जो 29 अप्रैल 2022 तक चलेगा। इस राशि के लिए शनि का लघु कल्याणी ढैया आठवें स्थान में होने और स्वराशि के शनि होने के कारण शुभाशुभ फल प्राप्त होंगे। भाग्य में उतार-चढ़ाव, कारोबार-नौकरी में परेशानी, कोर्ट-कचहरी के कार्य उलझेंगे, रोग आएंगे और पैसा कमाने के लिए कड़ा परिश्रम करना पड़ेगा।

सिंह

सिंह राशि के लिए यह साल कार्यो में प्रगति, तरक्की वाला रहेगा। आर्थिक रूप से आप मजबूत रहेंगे, जबकिपारिवारिक जीवन में विवाद, तनाव की स्थिति बार-बार बन सकती है। वर्ष प्रारंभ होने से पूर्व से 5 अप्रैल तक तथा 14 सितंबर से 20 नवंबर तक गुरु छठे भाव में रहने से दांपत्य जीवन में कष्ट, संतान को पीड़ा, स्वयं को शारीरिक कष्ट, अपव्यय, कारोबार में बाधा, मामा पक्ष को पीड़ा होगी। 5 अप्रैल से 14 सितंबर और 20 नवंबर से 13 अप्रैल 2022 तक गुरु सप्तम भाव में गोचर करना समस्त कार्यो के लिए शुभ रहेगा।

कन्या

कन्या राशि के जातकों के लिए वर्ष 2021 कार्यो में तरक्की वाला साल रहेगा। शिक्षा में सफलता, कारोबार-नौकरी में उन्नति, आकस्मिक खर्च वाला समय रहेगा। 5 अप्रैल तक तथा 14 सितंबर से 20 नवंबर तक गुरु के पंचम स्थान में गोचर करने से धनप्राप्ति, रूके कार्य पूर्ण होंगे, नौकरी-कारोबार में वृद्धि, घर-परिवार में मांगलिक कार्य होंगे। जन्मकुंडली में गुरु कमजोर है तो शुभ फलों में उसी अनुसार कमी आएगी। 5 अप्रैल से 14 सितंबर तथा 20 नवंबर से 13 अप्रैल 2022 तक गुरु के छठे स्थान में गोचर करने से माता-पिता और जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट, अस्वस्थता, कार्य-व्यवसाय में रूकावट, भागदौड़ की अधिकता रहेगी।

तुला

तुला राशि के जातकों के लिए वर्ष 2021 शनि के लघुकल्याणी ढैया के प्रभाव में गुजरेगा। कई काम शुभ होंगे तो कई मामलों में परेशानियों का सामना भी करना पड़ेगा। बहुत संभलकर चलने वाला साल रहेगा। स्वक्षेत्री शनि का लघुकल्याणी ढैया चतुर्थ सुख स्थान में लोहे के पाये से रहेगा। संपत्ति व वाहन सुख प्राप्त होगा, पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि, धनलाभ, माता-पिता के स्वास्थ्य में गिरावट, स्थान परिवर्तन, गुप्त शत्रु सक्रिय रहेंगे, यात्रा में कष्ट, संतान को पीड़ा रहेगी। वर्षारंभ पूर्व से 5 अप्रैल तथा 14 सितंबर से 2 नवंबर तक गुरु भी नीच राशि का होकर चतुर्थ स्थान में गोचर करेगा, इससे सुखों में कमी, माता को कष्ट, धन हानि, नौकरी-व्यवसाय में परेशानी, पारिवारिक अशांति रहेगी। 5 अप्रैल से 14 सितंबर तथा 20 नवंबर से 13 अप्रैल 2022 तक गुरु पंचम स्थान में गोचर करेगा, इससे कार्यो में सफलता, धनलाभ, कार्यो में प्रगति, मांगलिक उत्सव, शिक्षा में परिश्रम से सफलता, संतान की चिंता, पिता के स्वास्थ्य में गिरावट रहेगी।

वृश्चिक

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए पूरे वर्ष शनि स्वगृही होकर तीसरे स्थान में गोचर करेगा जो सफलतादायी और श्रेष्ठकारी है। आयु और आरोग्यता में वृद्धि, कार्यो को कुशलतापूर्वक करने की क्षमता बढ़ेगी, नौकरी और कारोबार में लाभ, शत्रु पराजित होंगे, पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। 5 अप्रैल तक तथा 14 सितंबर से 20 नवंबर तक गुरु भी नीचराशि में तृतीय स्थान में रहने से कार्य व्यवसाय में परिश्रम से लाभ, पारिवारिक क्लेश, संतान सुख में कमी, अनचाहे स्थान परिवर्तन होंगे। 5 अप्रैल से 14 सितंबर तथा 20 नवंबर से 13 अप्रैल 2022 तक गुरु चतुर्थ स्थान में भ्रमण करने से माता पर संकट आएगा, अचल संपत्ति को लेकर विवाद, नौकरी कारोबार में विघ्न, मानसिक परेशानी रहेगी।

धनु

धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम ढैया चांदी के पाए पर पूरे साल रहेगा। 24 जनवरी 2020 से शुरू हुआ ढैया 29 अप्रैल 2022 तक जारी रहेगा। इसके प्रभाव से जीवन में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। जितनी मेहनत करेंगे, परिणाम उसी के अनुसार प्राप्त होगा। सुखों में कमी, कुटुंबिक क्लेश, धन का संकट, शारीरिक कष्ट बने रहेंगे। 5 अप्रैल तक और 14 सितंबर से 20 नवंबर तक नीच राशिगत गुरु द्वितीय स्थान में रहने से व्यापार कार्य में परिश्रम के अनुसार सफलता, धनलाभ, पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि, संतान सुख, कर्ज मुक्ति के योग बनेंगे। यदि जन्मकुंडली में गुरु कमजोर है तो शुभ फलों में कमी होगी।

मकर

मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा ढैया हृदय पर स्वर्णपाद के साथ रहेगा। यह ढैया 29 अप्रैल 2022 तक रहेगा। स्वजनों से विरोध, धनहानि, पति-पत्नी को कष्ट, परिश्रम के अनुसार कार्य-व्यवसाय में लाभ। यदि कुंडली में शनि बलवान है तो प्रबल धनलाभ के योग बनेंगे। 5 अप्रैल तक और 14 सितंबर से 20 नवंबर तक नीच राशिस्थ गुरु मकर राशि में गोचर करने से शारीरिक पीड़ा, मानसिक अशांति, नौकरी व्यवसाय में अस्थिरता, कार्य पूरे होने में संदेह, अकारण व्यय होगा।

कुंभ

कुंभ राशि पर स्वक्षेत्री शनि की साढ़ेसाती का प्रथम ढैया मस्तक पर लौह पाद से रहेगा। 20 जनवरी 2020 से प्रारंभ हुआ यह ढैया 29 अप्रैल 2022 तक जारी रहेगा। इस दौरान व्यापार, व्यवसाय, नौकरी में बाधा, निरर्थक व्यय, परेशानी, जीवनसाथी और संतान को कष्ट, स्वयं को रोग, धनहानि, माता को कष्ट रहेगा। जन्मकुंडली में शनि बलवान होगा तो अशुभफलों में कमी रहेगी।

मीन

मीन राशि के लिए वर्ष 2021 में स्वराशिगत शनि का गोचर एकादश स्थान में होना श्रेष्ठफलदायक है। अचल संपत्ति की प्राप्ति, भाग्यवृद्धि, धनलाभ, दांपत्य सुख, नौकरी-व्यवसाय में सफलता, इच्छित कार्यो में सिद्धि, मशीनरी, लोहा, पत्थर से जुड़े कार्यो में लाभ, नौकर-चाकर रहेंगे। यदि जन्मकालीन शनि कमजोर होगा तो उपर्युक्त सुखों में कमी आएगी।