धार जिले के मंदिर में मां के तीन स्वरूपों में दर्शन होते हैं 

धार जिले के मंदिर में मां के तीन स्वरूपों में दर्शन होते हैं 

धार (महामीडिया) धार जिले के कुक्षी तहसील मुख्यालय से चार किमी की दूरी पर सुसारी नगर के मध्य में मां कालिका, मां सरस्वती, मां महालक्ष्मी की प्राचीन मूर्तियां मंदिर में विराजित हैं. मां कालिका मंदिर 250 साल पुराना है. यहां पर नवरात्र के अवसर पर नौ दिनों तक शतचंडी का पाठ व हवन के साथ रात्रि में महाआरती का आयोजन हो रहा है. इसमें सैकड़ों भक्त उपस्थित होकर धर्मलाभ ले रहे हैं.
सुसारी की मां कलिका मंदिर का इतिहास परमारकालीन है, क्योंकि मां के तीनों स्वरूप की मूर्तियां मंदिर परिसर से महज 100 मीटर की दूरी पर परमारकालीन किले में खुदाई के दौरान मिली थी. मां के तीन प्राचीन स्वरूप विराजित है. भक्तों का यहां मां कालिका से बल तो मां सरस्वती से ध्यान व मां लक्ष्मी से धन का आशीष मिलता है.
मंदिर की कीर्ति दूर दूर तक है. साल 2011 में मंदिर को नया स्वरूप दिया गया था. यहां पर मंदिर की दीवारों पर दुर्गा सप्तशती के पाठ को पत्थरों पर उकेरा गया. उसे दीवार पर लगाया गया है. उसी साल मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने मंदिर में आकर पूजा-अर्चना भी की थी. दोनों नवरात्र के अवसर पर यहां धार्मिक आयोजन के साथ दिन में 4 बार आरतियों का आयोजन होता है. मंदिर का संचालन ग्राम की सामाजिक संस्था गावटी पंच करती है.
 

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