स्वास्थ्यः गर्मियों में शहतूत का सेवन होता है लाभदायक

स्वास्थ्यः गर्मियों में शहतूत का सेवन होता है लाभदायक

भोपाल (महामीडिया) गर्मियों के मौसम में आम, आंवला, तरबूज, अंगूर जैसे कई खट्टे, मीठे और रसीले फलों की बाजार में आवक बढ़ जाती है. इनमें से ही एक खास फल है शहतूत. यह देखने में जितना खूबसूरत फल है, उतना ही स्वास्थ्यवर्धक भी है. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर शहतूत को सेहत के लिए काफी फायदेमंद वाला फल माना जाता है. 
आमतौर पर शहतूत हरा और कच्चा रहते हुए भी खाया जाता है और पकने के बाद भी. पकने के बाद रसीले शहतूत का स्वाद और बढ़ जाता है. साथ ही इसकी रंगत लाल और काली हो जाती है. इसमें पोटैशियम, विटामिन ए और फॉस्फोरस प्रचुर मात्रा में पाया जाता है.
कम करता है आंखों में सूखापन
ज्यादा देर तक लैपटॉप-कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करने से अक्सर आंखों में थकान और शुष्कता का अनुभव होने लगता है. ऐसे लोगों के लिए शहतूत का सेवन करना लाभकारी होता है. शहतूत में कैरोटिन्स और जिंक्साथिन जैसे तत्व पाये जाते हैं, जो आंखों को स्वस्थ रखने में सहायता करते हैं.
ब्लोटिंग व वजन कम करने में कारगर
पेट में गैस, भारीपन जैसी समस्याओं वाले लोगों के लिए भी शहतूत अच्छा है. शहतूत खाने से पेट फूलने की समस्या से भी राहत मिलती है. शहतूत के पोषक तत्व पाचन शक्ति बढ़ाते हैं और इसके एंटी-इंफ्लेमेटेरी तत्व शरीर की सूजन कम करते हैं, पेट फूलने की समस्या और मोटापे से भी राहत दिलाते हैं.
रोग प्रतिरोधक क्षमता करे मजबूत
कोरोना के नये वैरिएंट्स आते जा रहे हैं, इसलिए लगातार इम्युनिटी के प्रति सजग बने रहना बेहद जरूरी है. शरीर की रोग-प्रतिरोधक शक्ति बढ़ने से बीमारियों और इंफेक्शन्स से शरीर को सुरक्षा मिलती है. शहतूत में विटामिन-सी और कई प्रकार के स्ट्रॉन्ग एंटीऑक्सीडेंट्स पाये जाते हैं, जो इम्युनिटी बढ़ाने वाले तत्व माने जाते हैं. गर्मियों के मौसम में होने वाले एलर्जिक रिएक्शन्, फ्लू और छाती में जकड़न या सर्दी-ज़ुकाम जैसी समस्याओं से बचाव भी होता है.
त्वचा संबंधी समस्याओं में उपयोगी
शहतूत का अर्क त्वचा को कई तरह से लाभ पहुंचाता है. पिगमेंटेशन की समस्या दूर होती है. स्किन को टोन करता है, डार्क स्पॉट्स कम करता है. शहतूत में मौजूद तत्व सूरज की हानिकारक अल्ट्रा वायलेट किरणों से बचाये रखते हैं. साथ ही एंटीऑक्सीडेंट्स एंटी-एजिंग का काम करता है. 
किडनी की सेहत रखता है दुरुस्त
किडनी शरीर से व्यर्थ और टॉक्सिक फ्लूड को बाहर निकालने का काम करती है. जो लोग डायबिटीज के कारण किडनी डैमेज से ग्रस्त होते हैं, उनके लिए शहतूत का सत या जूस फायदेमंद हो सकता है. शहतूत एक्सट्रैक्ट्स इंसुलिन रेस्सिटेंस को सुधारता है.
 

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