फ्रांस में कोरोना की चौथी लहर का कहर 

फ्रांस में कोरोना की चौथी लहर का कहर 

नईदिल्ली [ महामीडिया] दुनिया का अधिकतर देश जहां कोरोना महामारी की दूसरी और तीसरी लहर से जूझ रहे हैं, वहीं अब विकसित देश फ्रांस में कोरोना महामारी की चौथी लहर भी आ चुकी है और बिजली की गति से फैल रही है । फ्रांस सरकार के प्रवक्ता गेब्रियल एटल ने बताया है कि कोरोना महामारी की चौथी लहर को काबू में करने के लिए कोविड-19 संबंधित गाइडलाइन के सख्ती से पालन करने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।फ्रांस में बुधवार से सख्त पाबंदियां लागू कर दी गई है और जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है, उन्हें जल्द से टीका लगााय जा रहा है। गौरतलब है कि फ्रांस में कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट के तेज गति से फैलने के कारण चौथी लहर आई है। जो भी लोग फ्रांस में मनोरंजन पार्क, स्विमिंग पुल और जिम जाना चाहते हैं, उन्हें टीकाकरण का सर्टिफिकेट दिखाना होगा।साथ ही कोरोना टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट भी दिखानी होगी। इसके अलावा अगस्त से लोगों में टीकाकरण को प्रोत्साहित करने के लिए रेस्तरां, बार आदि में प्रवेश के लिए या लंबी दूरी के ट्रेन या हवाई यात्रा के दौरान वैक्सीनेशन पास भी दिखाना पड़ेगा। हालांकि शैक्षणिक वर्ष सितंबर में शुरू किया जा सकता है, जिसमें किसी प्रकार के दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं होगी।इस बीच फ्रांस के प्रधानमंत्री जीन कास्टेक्स ने बुधवार को कहा है कि हम चौथी लहर में प्रवेश कर चुके हैं और डेल्टा वैरिएंट काफी अधिक संक्रामक है। उन्होंने टेलीविजन पर अपने संबोधन में कहा कि कोरोनोवायरस मामलों के कुल मामलों में एक सप्ताह में 140 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि कोरोना टीकाकरण में आने वाले कुछ दिनों में तेजी लाई जाएगी। अगले दो सप्ताह में 50 लाख टीके उपलब्ध होंगे। सख्त पाबंदियों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है और स्वास्थ्य पास संबंधी नियमों का पालन करने से यदि कोई इनकार करता है तो उस पर 1500 यूरो का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा एक साल तक की जेल भी हो सकती है।
 

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