बैडमिंटन में भारत ने इतिहास रचा 

बैडमिंटन में भारत ने इतिहास रचा 

नई दिल्ली (महामीडिया) एचएस प्रणय ने निर्णायक पांचवें मैच में बहुत उत्साह दिखाया, जिससे भारतीय पुरूष बैडमिंटन टीम ने यहां रोमांचक सेमीफाइनल में डेनमार्क को 3-2 से हराकर इतिहास रच दिया। साल 1949 में थॉमस कप की शुरुआत हुई थी। 73 साल में पहली बार भारतीय टीम फाइनल में पहुंची है। भारतीय टीम 1979 के बाद से कभी भी सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ सकी थी, लेकिन उसने जुझारू उत्साह दिखाते हुए 2016 के चैम्पियन डेनमार्क को हरा दिया।
विश्व चैम्पियनशिप रजत पदक विजेता किदाम्बी श्रीकांत तथा सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की दुनिया की आठवें नंबर की युगल जोड़ी ने भारत को फाइनल की दौड़ में बनाए रखा, लेकिन 2-2 की बराबरी के बाद एच एस प्रणय ने टीम को इतिहास रचने में मदद की। दुनिया के 13वें नंबर के खिलाड़ी रास्मस गेमके के खिलाफ प्रणय को कोर्ट पर फिसलने के कारण टखने में चोट भी लगी, लेकिन इस भारतीय ने ‘मेडिकल टाइमआउट’ लेने के बाद मुकाबला जारी रखा।
 

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