NASA और अमेरिकी सरकार चंद्रमा और मंगल पर परमाणु संयंत्र लगाएंगे 

NASA और अमेरिकी सरकार चंद्रमा और मंगल पर परमाणु संयंत्र लगाएंगे 

वाशिंगटन (महामीडिया) अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा और सरकार ने चंद्रमा पर परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए सुझाव मांगे हैं. नासा और देश की शीर्ष संघीय परमाणु अनुसंधान प्रयोगशाला ने ‘फिशन सर्फेस पावर सिस्टम’ स्थापित करने के लिए प्रस्ताव देने का अनुरोध किया है. अगर इसमें सफलता मिलती है, तो चंद्रमा पर होने वाले भविष्य के मिशन में काफी मदद मिलेगी.
नासा इस दशक के अंत तक चंद्रमा पर अपने मिशनों के लिए स्वतंत्र ऊर्जा स्रोत स्थापित करने के लिए अमेरिका के ऊर्जा विभाग के इडाहो राष्ट्रीय प्रयोगशाला के साथ मिलकर काम कर रहा है. ‘फिशन सर्फेस पावर प्रोजेक्ट’ के प्रमुख सेबेस्टियन कोर्बिसिएरो ने एक बयान में कहा, ‘चंद्रमा पर विश्वसनीय, उच्च ऊर्जा तंत्र उपलब्ध कराना अंतरिक्ष में संभावनाएं तलाशने की दिशा में अहम कदम है और हम इसे शीघ्र हासिल कर लेंगे.’
यह संयंत्र पृथ्वी पर बनाया जाएगा और फिर इसे चंद्रमा पर भेजा जाएगा. अमेरिका ऊर्जा के उस स्त्रोत पर काम कर रहा है, जो सूर्य या फिर सौर ऊर्जा पर निर्भर ना हो. नासा के अनुसार, अगर परमाणु संयंत्र चंद्रमा पर निरंतर मानव उपस्थिति का समर्थन करने में सफल होते हैं, तो अगला पड़ाव मंगल होगा. यानी इसे मंगल पर स्थापित किया जाएगा.
 

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